पंडित प्रदीप जी मिश्रा के उपाय

१. सात बेलपत्र पहले हनुमानजी के चरणों में रखकर फिर पार्वती जी (शिवलिंग की जलाधारी का गोला) को चढ़ाना है, ऐसा करने से स्त्री सौभाग्यवती रहती है यह प्रयोग अष्टमी जब सोमबार को हो, तभी करना चाहिए ।
२. नारी को सिर्फ हनुमान जी के चरणों एवं सोटे का ही दर्शन करना चाहिए।
भगवान के पांच दर्शन
पहला :चरण
दूसरा :नाभि
तीसरा : वक्षस्थल या हृदय
चौथा :चौंटी
पांचवा : नैत्र
चंचल बच्चों के लिए :
चैत्र की पूर्णिमा के दिन हनुमान जी के सोटे पर लच्छे (धागे) की ७ गांठ लगाकर बच्चे का नाम एवं गौत्र बोलें एवं उनके लिए मंगलकामनाएँ करें। यदि बच्चे करें
तो ठीक है नहीं तो उनकी माता पिता भी कर सकते हैं।
स्वस्थ्य आखों के लिए :
सोमवार के दिन शाम ६ से ८ के बीच शिवलिंग पर थोड़ा शहद चढ़ाएँ फिर उसी शहद से शिवलिंग के ऊपर मफरामफफ लिखें और थोड़ी देर भगवान का स्मरण
करें । पूरा शहद डिब्बी में इकट्ठा कर लें और पुष्य नक्षत्र से शहद को आंखों पर लगाएँ 1 महीने तक । चश्मा जरुर उतरेगा, यह प्रयोग रोगी स्वयं करे ।
घर के क्लेश हेतु :
वट के पेड़ पर टहनी के 5 पत्तों पर पांचों उंगलियों से कुमकुम लगाएँ एव टहनी पर नाल बांधते हुए नाम एवं गौत्र लेकर घर की सुख-शान्ति की कामना करें ।
सिर्फ एक रविवार करना है ।
हार्टअटेक से बचाव के लिए:
यदि किसी को अटेक आ जाए तो तांबे के लोटे में आधा दूध एवं आधा पानी लेकर उस व्यक्ति के ऊपर से २१ बार उतारें और उसे पीपल के पेड़ पर चढाएँ ।
तरक्की के लिए:
बुधवार को दुकान की शटर या दुकान पर ९ बिंदी बालाजी के दाहिने पैर का
सिंदूर लगाएँ ।
धनतेरस की विशेष पूजा :
५ मोरपंख, ५ हल्दी गांठ, ५ घी-आटे के दीपक, १ चांदी का सिक्का, ५ कमल गटटे ५ लाल फूल इन सबको थाली मे रखना साथ ही गणेशजी, लक्ष्मीजी रखकर पूजा करनी है । आटे वाला दीपक पहला घर के मुख्य द्वार पर, दूसरा तुलसीजी, तीसरा घर के मन्दिर में, चौथा तिजोरी में, पाँचवा परिन्डा पर रखेंचमत्कार देखने को मिलेंगे ।
