शिवलिंग पर नीलपत्र चढ़ाने से क्या होता है , रायसेन कथा में गुरुजी ने बताया नया उपाय :-

रायसेन जिला मुख्यालय स्थित दशहरा मैदान पर
सोमेश्वर धाम की नगरी रायसेन में 3 अप्रैल से चल
रही शिव महापुराण कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी
महाराज की कथा में प्रतिदिन हजारों की संख्या में
प्रदेश के कई जिलों एवं दूसरे राज्यों से भी भक्त कथा
सुनने के लिए आ रहे हैं। इस समय चारों तरफ शिव
महापुराण पावन गंगा वह रही है जिसमें हजारों की
संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की पावन गाथा को
में
सुनकर ज्ञान की गंगा में गोता लगा रहे हैं। काशी
नगर में पहली बार शिव महापुराण की गाथा का
बखान किया जा रहा है शहर वासियों के लिए बड़ा
सौभाग्य अवसर है कि सुप्रसिद्ध शिव महापुराण कथा
वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी महाराज के मुखारविंद
से श्रवण करते हुए श्रोता आत्मसात कर रहे हैं भगवान
शिव की कल्याणकारी कथा को सुनने के लिए
हजारों भक्तों में सनातन धर्म के प्रति गहरी आस्था
जागृत होती दिखाई दे रही है।
शिवमहापुराण कथा वाचन के छठा दिवस
कथावाचक प्रदीप मिश्रा जी महाराज ने व्यास गादी से
पावन प्रवचन का बखान करते हुए कहा कि कथा में
मौजूद हजारों भक्तों पर मेरे भोले बाबा की कृपा जरूर
बरसेगी 3 माह के भीतर ही भक्तों की मनोकामना
अवश्य पूरी होगी। कथा के शुरुआत में महाराज जी ने
कहा कि सेवा करने वाले व्यक्ति सर्वशष्ठ होते हैं सेवा
झाड़ू लगाने की हो या सफाई करने की कभी
निरर्थक नहीं जाती उसका फल जरूर सेवा करने
वालों को मेरे भोले देते हैं, पंडित मिश्रा ने कहां की
भगवान शिव के मंदिरों में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से
बड़ा लाभ होता है इसके साथ ही नील पत्र चढ़ाने से
सारी मनोकामनाएं भक्तों की भगवान भोले अवश्य
पूरी करते हैं
